लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
यह निर्णय प्रदेश के एक लाख से अधिक होमगार्ड जवानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पहले ही की थी घोषणा
मुख्यमंत्री ने 6 दिसंबर 2025 को आयोजित होमगार्ड दिवस कार्यक्रम में इस योजना की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद योजना को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
योजना की प्रमुख बातें
- ✅ होमगार्ड जवानों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा।
- ✅ राज्य सरकार प्रत्येक होमगार्ड स्वयंसेवक के लिए ₹3,000 वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करेगी।
- ✅ योजना पर सरकार का लगभग ₹35.50 करोड़ प्रति वर्ष खर्च होगा।
- ✅ इससे 1 लाख से अधिक होमगार्ड जवानों को लाभ मिलेगा।
- ✅ अब तक होमगार्ड जवानों को ऐसी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
कितने होमगार्ड होंगे लाभान्वित?
प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के 1,18,348 पद स्वीकृत हैं।
वर्तमान स्थिति:
- वर्तमान में लगभग 67,000 होमगार्ड ड्यूटी पर कार्यरत हैं।
- 41,424 नए स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
- भर्ती पूरी होने के बाद प्रदेश में होमगार्ड जवानों की संख्या 1.10 लाख से अधिक हो जाएगी।
वर्दी एवं धुलाई भत्ता भी बढ़ा
कैबिनेट ने गृह विभाग, अधीनस्थ न्यायालय, कारागार, वन, आबकारी, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा आयुष विभाग सहित कई विभागों के कर्मचारियों के वर्दी, वर्दी नवीनीकरण और धुलाई भत्ते में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
सरकार के अनुसार:
- वर्दी एवं धुलाई भत्ते में 50% तक बढ़ोतरी की गई है।
- इस निर्णय से सरकार पर लगभग ₹20 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।
Yojanasthal निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलने से चिकित्सा खर्च का बोझ कम होगा और जवानों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। साथ ही वर्दी एवं धुलाई भत्ते में वृद्धि से भी कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।





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